दोस्तों, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सेहत को कितना नजरअंदाज कर देते हैं, ये तो आप भी जानते हैं। सुबह उठते ही ऑफिस की टेंशन, फिर पूरा दिन कंप्यूटर के सामने, और शाम को थककर घर आना। ऐसे में योग हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
मैं पिछले 5 सालों से नियमित योग कर रहा हूं और सच कहूं तो मेरी लाइफ पूरी तरह बदल गई है। पहले मुझे भी लगता था कि योग सिर्फ बुजुर्गों के लिए है या फिर जो लोग बहुत फ्लेक्सिबल होते हैं उनके लिए। लेकिन जब मैंने खुद शुरुआत की, तब समझ आया कि योग तो हर किसी के लिए है।
आज मैं आपको 12 ऐसे आसनों के बारे में बताऊंगा जिन्होंने मेरी जिंदगी बदली है। और हां, मैं कोई योग गुरु नहीं हूं, बस एक आम इंसान हूं जिसे योग से फायदा हुआ है।
1. ताड़ासन - माउंटेन पोज़
भाई, ये सबसे आसान लगता है लेकिन है बड़ा पावरफुल। बस सीधे खड़े हो जाओ, हाथ ऊपर ले जाओ और पंजों के बल खड़े होकर पूरे शरीर को स्ट्रेच करो। मैं रोजाना सुबह उठकर सबसे पहले यही करता हूं।
इससे क्या होता है? देखो, रातभर सोने के बाद शरीर अकड़ा हुआ रहता है। ये आसन पूरे शरीर को स्ट्रेच करता है, पोस्चर सही करता है और बच्चों की हाइट भी बढ़ाने में मदद करता है। मेरे भतीजे ने 6 महीने ये किया और 2 इंच लंबा हो गया!
हां, अगर बीपी हाई रहता है या प्रेग्नेंट हो तो थोड़ा सावधान रहना।
2. वृक्षासन - ट्री पोज़
ये मेरा फेवरेट है! एक पैर पर खड़े होना और बैलेंस बनाए रखना। शुरुआत में मैं 5 सेकंड भी नहीं टिक पाता था, आज 2 मिनट आराम से खड़ा रह सकता हूं।
इस आसन की खासियत ये है कि ये सिर्फ बॉडी को बैलेंस नहीं सिखाता, बल्कि माइंड को भी फोकस करना सिखाता है। जब मैं इस पोज़ में होता हूं, तो सारी टेंशन भूल जाता हूं। बस अपने बैलेंस पर ध्यान रहता है।
अगर घुटने में दर्द है तो पैर को घुटने के नीचे रखो, ऊपर नहीं।
3. त्रिकोणासन - ट्रायंगल पोज़
भई, ये आसन पेट की चर्बी के लिए कमाल का है। मैंने 3 महीने में अपनी कमर से 2 इंच कम किया सिर्फ इसी एक आसन से।
पैर चौड़े करो, एक साइड झुको और हाथ से पैर छूने की कोशिश करो। दूसरा हाथ ऊपर सीधा। शुरुआत में नीचे तक नहीं जा पाओगे, कोई बात नहीं। जहां तक जाओ वहीं तक ठीक है। मैं भी पहले सिर्फ घुटने तक जा पाता था।
इससे कमर की साइड की मसल्स स्ट्रेच होती हैं, पाचन सुधरता है और स्पाइन फ्लेक्सिबल होती है।
4. भुजंगासन - कोबरा पोज़
अरे भाई, अगर तुम भी पूरा दिन लैपटॉप पर काम करते हो तो ये आसन तुम्हारे लिए है। पेट के बल लेटो और छाती को ऊपर उठाओ, जैसे सांप फन फैलाता है।
मेरी बैक पेन इसी से ठीक हुई है। पहले शाम तक कमर में दर्द होने लगता था, अब बिल्कुल नहीं। ये स्पाइन को स्ट्रेच करता है, पेट की चर्बी कम करता है और फेफड़ों की कैपेसिटी बढ़ाता है।
बस इतना ध्यान रखना कि प्रेग्नेंसी में या हर्निया हो तो मत करना।
5. अधोमुख श्वानासन - डाउनवर्ड डॉग
इसे डाउनवर्ड डॉग भी कहते हैं क्योंकि कुत्ता जैसे स्ट्रेच करता है वैसे ही ये पोज़ है। हाथ और पैर जमीन पर, कूल्हे ऊपर, शरीर से उल्टा V बनाओ।
ये मेरे वर्कआउट का जरूरी हिस्सा है। इससे पूरे शरीर को एक साथ स्ट्रेच मिलता है। हाथ, पैर, कंधे, पीठ सब कुछ। और सबसे अच्छी बात, ये दिमाग को शांत करता है। जब मैं स्ट्रेस में होता हूं, तो ये पोज़ 2 मिनट करता हूं और फील करो कितना रिलैक्स हो जाते हो।
6. पश्चिमोत्तानासन - फॉरवर्ड बेंड
बैठकर पैरों को छूना। आसान लगता है ना? लेकिन जब पहली बार करोगे तो पता चलेगा कि घुटनों तक पहुंचना भी मुश्किल है।
मुझे याद है जब मैंने पहली बार किया था, मैं बस अपने घुटनों के पास तक ही जा पाया था। लेकिन धीरे-धीरे, रोज थोड़ा-थोड़ा करते हुए आज मैं अपने पैरों को आराम से छू लेता हूं।
ये हैमस्ट्रिंग और बैक को फ्लेक्सिबल बनाता है, पाचन सुधारता है और मोटापा कम करने में भी मदद करता है। बस जल्दबाजी मत करना, वरना मसल खींच सकती है।
7. शवासन - कॉर्प्स पोज़
भाई, सीधा सीधा लेटना। लेकिन माने मत, ये योग का सबसे इंपॉर्टेंट आसन है। मैं हर योग सेशन के बाद 10 मिनट शवासन जरूर करता हूं।
बस आराम से लेट जाओ, आंखें बंद करो और सोचो कुछ नहीं। बॉडी को पूरी तरह रिलैक्स होने दो। पहले तो मुझे भी लगता था कि ये कौन सा आसन है, बस लेटे रहना। लेकिन जब करोगे तब पता चलेगा कि दिमाग को शांत रखना कितना मुश्किल है।
इससे स्ट्रेस कम होता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है और नींद अच्छी आती है। मेरी इन्सोम्निया की प्रॉब्लम इसी से ठीक हुई।
8. पद्मासन - लोटस पोज़
कमल के फूल की तरह बैठना। दोनों पैर क्रॉस करके जांघों पर रखो। पहली बार बहुत मुश्किल लगेगा, मैं भी शुरुआत में सुखासन (सिंपल क्रॉस लेग) से शुरू किया था।
ये मेडिटेशन के लिए बेस्ट पोजीशन है। मैं रोज सुबह 15 मिनट पद्मासन में बैठकर मेडिटेशन करता हूं। इससे माइंड बिल्कुल शांत हो जाता है, फोकस बढ़ता है और दिनभर एनर्जी रहती है।
अगर घुटनों में प्रॉब्लम है तो फोर्स मत करो। धीरे-धीरे आएगा।
9. सेतुबंधासन - ब्रिज पोज़
लेटकर कूल्हे ऊपर उठाओ, जैसे ब्रिज बना रहे हो। ये आसन खासकर थायरॉइड के लिए बहुत अच्छा है।
मेरी दोस्त को थायरॉइड की प्रॉब्लम थी, डॉक्टर ने उसे ये आसन करने को कहा। 6 महीने बाद उसकी रिपोर्ट में सुधार दिखा। तब से मैं भी रेगुलर करता हूं।
इससे स्पाइन मजबूत होती है, छाती और गर्दन में स्ट्रेच आता है और पेट के ऑर्गन्स को मसाज मिलती है।
10. बालासन - चाइल्ड पोज़
छोटे बच्चे जैसे सो जाते हैं वैसे। घुटनों के बल बैठो और आगे झुककर माथा जमीन पर रख दो। इससे ज्यादा रिलैक्सिंग कुछ नहीं है।
जब मैं थक जाता हूं या स्ट्रेस हो जाता है, तो मैं बस 5 मिनट बालासन में चला जाता हूं। इतना आराम मिलता है कि बताया नहीं जा सकता। लोअर बैक पेन में भी बहुत राहत मिलती है।
ये रेस्टिंग पोज़ है, कभी भी कर सकते हो।
11. मत्स्यासन - फिश पोज़
लेटकर छाती को ऊपर उठाओ और सिर को पीछे ले जाओ। इससे गला और छाती अच्छे से स्ट्रेच होती है।
मुझे अस्थमा की हल्की प्रॉब्लम थी, डॉक्टर ने कहा कि छाती को खोलने वाले आसन करो। मत्स्यासन और भुजंगासन रेगुलर करने से मेरी ब्रीदिंग में बहुत सुधार आया है।
ये थायरॉइड ग्लैंड को भी एक्टिवेट करता है और रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम्स में फायदा करता है।
12. वज्रासन - थंडरबोल्ट पोज़
घुटनों के बल बैठना, एड़ियों पर बैठे रहना। ये एकमात्र आसन है जो खाना खाने के बाद कर सकते हो।
मैं लंच या डिनर के बाद 10-15 मिनट वज्रासन में जरूर बैठता हूं। इससे खाना अच्छे से डाइजेस्ट होता है, एसिडिटी नहीं होती और पेट फूलने की प्रॉब्लम भी नहीं होती।
पहले मुझे खाने के बाद भारीपन महसूस होता था, अब बिल्कुल नहीं। ये डायबिटीज कंट्रोल करने में भी मदद करता है।
मेरे कुछ पर्सनल टिप्स
दोस्तों, इन 5 सालों में मैंने जो सीखा है वो आपके साथ शेयर करना चाहता हूं।
सबसे पहली बात, सुबह खाली पेट योग करो। मैं सुबह 6 बजे उठता हूं, एक ग्लास पानी पीता हूं और योग शुरू कर देता हूं। अगर सुबह टाइम नहीं मिलता तो शाम को करो, बस खाना खाने के 3-4 घंटे बाद।
दूसरा, कंफर्टेबल कपड़े पहनो। मैं ट्रैक पैंट और टी-शर्ट में योग करता हूं। टाइट जींस या फॉर्मल कपड़ों में बिल्कुल मत करना।
तीसरा, और सबसे जरूरी बात - खुद को फोर्स मत करो। पहले दिन तुम पैर नहीं छू पाओगे, कोई बात नहीं। घुटने छू लो। धीरे-धीरे फ्लेक्सिबिलिटी आएगी। मुझे 6 महीने लगे थे पैर छूने में।
चौथा, रेगुलर रहो। रोज 20-30 मिनट ही सही, लेकिन करो जरूर। मैं कभी-कभी ट्रैवल पर होता हूं तो होटल के रूम में ही योग कर लेता हूं। बहाना मत बनाओ।
और हां, यूट्यूब पर बहुत सारी वीडियो हैं। पहले वहां से सीखो कि आसन सही तरीके से कैसे करना है। गलत तरीके से करोगे तो फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।
अंत में
दोस्तों, मैं कोई एक्सपर्ट नहीं हूं। मैं भी तुम्हारी तरह ही एक आम इंसान हूं जिसने योग को ट्राई किया और फायदा मिला। आज मैं ज्यादा एनर्जेटिक हूं, मेरी बैक पेन गई, पेट की चर्बी कम हुई और सबसे बड़ी बात - मैं मेंटली बहुत स्ट्रॉन्ग महसूस करता हूं।
योग कोई मैजिक नहीं है, ये तो बस एक हेल्दी हैबिट है। लेकिन इस हैबिट की पावर अमेजिंग है। बस एक बार शुरू तो करो, बाकी चीजें अपने आप समझ आ जाएंगी।
तो कल सुबह से स्टार्ट करो। पहले दिन सिर्फ 10 मिनट करो, फिर धीरे-धीरे बढ़ाओ। और हां, अगर कोई हेल्थ प्रॉब्लम है तो पहले डॉक्टर से पूछ लो।
All the best! आप भी कर सकते हो। मैं कर पाया तो तुम भी कर पाओगे।
नमस्ते! 🙏